April 25, 2026 प्रेमहीन होना ही अपूर्णता और प्रेममय होना ही सुप्रभातप्रेमहीन होना ही अपूर्णता और प्रेममय होना ही पूर्णता का सूचका है।हरि ओम तत्सत